Adani Group का पावर सेक्टर में ₹2,00,00,00,00,000 रुपए निवेश का ऐलान! शेयर से भी होगी मोटी कमाई….

Adani Group : पावर सेक्टर में लगभग 2 लाख करोड़ रुपये के बड़े निवेश की योजना बनाई है, जिसका लक्ष्य अगले कुछ सालों में अपनी क्षमता को लगभग दोगुना करना है।

Adani Power की नई निवेश योजना

Adani Power ने FY32 तक अपनी कोयला आधारित थर्मल पावर क्षमता को मौजूदा लगभग 18.15 गीगावॉट से बढ़ाकर करीब 41.87 गीगावॉट तक ले जाने का टारगेट रखा है। इस एक्सपेंशन के लिए कंपनी ने करीब 2 लाख करोड़ रुपये का कैपेक्स तय किया है, जिसे भारत के पावर सेक्टर में सबसे बड़ा प्राइवेट निवेश माना जा रहा है। कंपनी के पास अभी देश के अलग‑अलग राज्यों में 12 थर्मल पावर प्लांट और एक सोलर प्रोजेक्ट के जरिए लगभग 18.15 गीगावॉट की ऑपरेटिंग क्षमता है।

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क्षमता विस्तार और प्रोजेक्ट डिटेल

Adani Power लगभग 23.7 गीगावॉट नई थर्मल क्षमता जोड़ने की प्रक्रिया में है, जिससे कुल क्षमता 41.87 गीगावॉट तक पहुंचने की योजना है। Adani Power ने बताया है कि नए प्रोजेक्ट्स के लिए ज्यादातर जमीन अधिग्रहण हो चुका है और बॉयलर, टरबाइन और जेनरेटर जैसे प्रमुख उपकरणों के लिए एडवांस ऑर्डर भी दिए जा चुके हैं। कंपनी ने अपनी कई नई यूनिट्स के लिए लंबी अवधि के पावर पर्चेज एग्रीमेंट्स के तहत लगभग 12.35 गीगावॉट क्षमता लॉक‑इन कर ली है, जिससे रेवेन्यू विजिबिलिटी बेहतर मानी जा रही है।​

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भारत के पावर प्लान में Adani की हिस्सेदारी

भारत सरकार का लक्ष्य है कि FY25 के करीब 247 गीगावॉट थर्मल क्षमता को FY32 तक लगभग 309 गीगावॉट तक बढ़ाया जाए, जिसके लिए करीब 80 गीगावॉट नई कोयला आधारित क्षमता जोड़ने की जरूरत होगी। Adani Power की योजना इस अतिरिक्त थर्मल क्षमता का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा अकेले योगदान करने की है, जो इसे प्राइवेट सेक्टर में सबसे आक्रामक प्लेयर बनाता है। थर्मल पावर अभी भी देश के बेसलोड पावर की रीढ़ मानी जाती है, क्योंकि बढ़ती बिजली मांग और रिन्यूएबल एनर्जी की वेरिएबिलिटी के बीच स्थिर सप्लाई के लिए कोयला आधारित प्लांट महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

सेक्टर में प्रतिस्पर्धा और दूसरे प्लेयर्स

थर्मल पावर कैपेसिटी बढ़ाने की रेस में पब्लिक सेक्टर की NTPC भी बड़ा प्लान लेकर चल रही है, जो FY32 तक लगभग 30 गीगावॉट नई थर्मल क्षमता जोड़ने की तैयारी में है। प्राइवेट स्पेस में JSW Energy ने भी 2030 तक कुल 30 गीगावॉट जनरेशन क्षमता और 40 GWh स्टोरेज के लिए 1.3 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश की रूपरेखा बनाई है, जिसमें एक 1.6 गीगावॉट का नया अल्ट्रा‑सुपरक्रिटिकल थर्मल प्रोजेक्ट भी शामिल है। इसी तरह बाकी प्राइवेट और PSU कंपनियाँ भी थर्मल और रिन्यूएबल दोनों सेगमेंट में क्षमता बढ़ाने की योजनाओं पर काम कर रही हैं, जिससे आने वाले वर्षों में पावर सेक्टर में कैपेक्स साइकिल मजबूत रहने की उम्मीद दिख रही है।

Disclaimer : शेयर बाजार में निवेश जोखिम के साथ होता है, इसलिए निवेश से पहले विशेषज्ञ से सलाह लें। हम जानकारी की पूर्णता या सटीकता की गारंटी नहीं देते।

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