Adani Power को सुप्रीम कोर्ट से मुंद्रा SEZ से डोमेस्टिक मार्केट में बेची गई बिजली पर कस्टम ड्यूटी मामले में बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने कहा कि 2010 से 2016 के बीच वसूला गया कस्टम ड्यूटी कानून के बिना अधिकार के लगाया गया था और सरकार को लगभग 500 करोड़ रुपये तक की रकम वेरिफिकेशन के बाद रिफंड करनी होगी। इस फैसले से कंपनी की कैश पोजीशन मजबूत होगी और आने वाले क्वार्टर्स में मुनाफे पर भी पॉजिटिव असर पड़ सकता है।
Adani Power की मौजूदा स्थिति और कैपेसिटी
Adani Power अभी लगभग 18.15 GW की इंस्टॉल्ड जेनरेशन कैपेसिटी ऑपरेट करती है, जो देश के अलग–अलग राज्यों में लगे थर्मल प्लांट्स के ज़रिए बिजली सप्लाई करती है। Adani Power ने विदर्भा इंडस्ट्रीज़ पावर लिमिटेड की 2×300 MW प्लांट सहित 2025 के दौरान अपनी क्षमता 17,550 MW से बढ़ाकर 18,150 MW कर ली, जिससे ग्रोथ ट्रैक साफ दिखता है। मैनेजमेंट का लक्ष्य FY32 तक कुल कैपेसिटी को करीब 41.87 GW तक ले जाने के लिए लगभग 2 लाख करोड़ रुपये के मेगा कैपेक्स प्लान पर काम करना है।
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ताज़ा शेयर प्राइस और वैल्यूएशन
5 जनवरी 2026 को Adani Power का शेयर लगभग ₹146.20 के लेवल पर बंद हुआ और दिन के दौरान यह करीब ₹144.46 से ₹148.40 के रेंज में ट्रेड हुआ। मौजूदा प्राइस पर कंपनी का मार्केट कैप लगभग 4.7–4.8 लाख करोड़ रुपये के आसपास दिखता है, जिससे यह पावर सेक्टर की सबसे बड़ी लिस्टेड कंपनियों में शामिल हो जाती है। हाल के सालों में स्ट्रॉन्ग रेवेन्यू ग्रोथ, डेट रिडक्शन और रेगुलेटरी क्लैरिटी ने वैल्यूएशन मल्टीपल को भी सपोर्ट किया है।
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2026 से 2030 तक संभावित प्राइस ट्रेंड
कई फाइनेंशियल ब्लॉग और एनालिसिस वेबसाइट्स के अनुमान के मुताबिक, अगर Adani Power की कमाई वर्तमान ट्रेंड के हिसाब से बढ़ती रही और कैपेसिटी एक्सपेंशन समय पर पूरा होता रहा, तो 2026 तक शेयर में मौजूदा स्तर से सीमित लेकिन स्थिर अपसाइड की संभावना मानी जा रही है। कुछ अनऑफिशियल प्राइस टारगेट मॉडल 2026–2028 के लिए शेयर को लगभग 10–18 प्रतिशत सालाना कम्पाउंड रिटर्न की रेंज में प्रोजेक्ट करते हैं, जो मार्केट कंडीशन और रेगुलेटरी रिस्क के मुताबिक बदल भी सकते हैं। कोयला कीमतों में बड़ी उथल–पुथल या पावर डिमांड में सुस्ती आने पर ये अनुमान नीचे भी आ सकते हैं, इसलिए इन्हें फिक्स्ड टारगेट नहीं बल्कि संभवित रेंज के रूप में ही देखना चाहिए।
2031 से 2035 के लिए लंबी अवधि की उम्मीद
लॉन्ग टर्म में 2031 से 2035 के बीच अडानी पावर पर व्यू काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनी 42 GW के आसपास की कैपेसिटी टारगेट, ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स और डेट मैनेजमेंट को कितनी सफलतापूर्वक हैंडल करती है। अगर FY32 तक प्लान के मुताबिक पूरी क्षमता चालू हो जाती है और रेगुलेटरी माहौल सपोर्टिव रहा, तो अलग–अलग थर्ड पार्टी मॉडल्स 2030 के बाद के दशक में शेयर प्राइस में अच्छी वैल्यू क्रिएशन की संभावना दिखाते हैं, हालांकि यहां प्राइस टारगेट की रेंज काफी वाइड रखी जाती है।
निवेशकों के लिए ज़रूरी है कि ऐसे लंबी अवधि के अनुमान को सिर्फ इंडिकेशन मानें, क्योंकि पावर टैरिफ पॉलिसी, एनवायरनमेंट नॉर्म्स, इंटरेस्ट रेट और ग्रुप–लेवल न्यूज़ फ्लो से शेयर में तेज़ वोलैटिलिटी आ सकती है।
Disclaimer : शेयर बाजार में निवेश जोखिम के साथ होता है, इसलिए निवेश से पहले विशेषज्ञ से सलाह लें। हम जानकारी की पूर्णता या सटीकता की गारंटी नहीं देते।







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