Good News: 1 शेयर खरीदने पर मिलेगा 5 अलग अलग कंपनीयों के शेयर! ऐसा मौका बार बार नही मिलता….

Good News : Vedanta के डीमर्जर प्लान में कंपनी एक ही छत के नीचे चल रहे अलग-अलग बिजनेस को बांटकर 5 अलग-अलग लिस्टेड कंपनियां बनाने की तैयारी में है, जिससे 1 शेयर के बदले में 5 कंपनियों के शेयर मिलने का मौका बन सकता है। यह फैसला शेयरधारकों के लिए वैल्यू अनलॉक करने और हर बिजनेस की वैल्यू साफ दिखाने की दिशा में माना जा रहा है।

Vedanta Demerger क्या है?

अभी Vedanta Limited के अंदर एल्युमिनियम, ऑयल-गैस, पावर, आयरन-स्टील और जिंक जैसे कई बिजनेस एक साथ चल रहे हैं। कंपनी की योजना है कि इन्हें अलग-अलग सेक्टर फोकस्ड कंपनियों में बांटकर स्टॉक मार्केट में अलग से लिस्ट किया जाए ताकि हर बिजनेस की वैल्यू सही तरह से सामने आ सके।

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1 शेयर पर 5 कंपनियों के शेयर कैसे?

डीमर्जर स्कीम के अनुसार हर Vedanta शेयरहोल्डर को कंपनी के रीऑर्गेनाइजेशन के बाद बनने वाली पांचों नई कंपनियों में से प्रत्येक में 1-1 शेयर मिलने का प्रस्ताव है। इसका मतलब यह है कि अगर किसी निवेशक के पास Vedanta Limited का 1 शेयर है, तो डीमर्जर के बाद वह उसी होल्डिंग के बदले 5 अलग-अलग लिस्टेड कंपनियों के शेयर का हकदार हो सकता है, हालांकि फाइनल स्ट्रक्चर NCLT और रेगुलेटरी फैसलों पर निर्भर करेगा।

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नई बनने वाली कंपनियों का स्ट्रक्चर

रीवाइज्ड प्लान के मुताबिक कंपनी 5 मुख्य इकाइयों में बांटी जाएगी – Vedanta Aluminium, Vedanta Oil & Gas, Vedanta Power, Vedanta Iron & Steel और मौजूदा Vedanta Limited, जो Hindustan Zinc और नई वर्टिकल्स को होल्ड करेगी। हर इकाई अपने-अपने सेक्टर जैसे एल्युमिनियम, ऑयल-गैस, पावर और स्टील में अलग से लिस्ट होगी, जिससे निवेशक अपनी पसंद और रिस्क के अनुसार अलग-अलग बिजनेस में वैल्यू देख सकेंगे।

Vedanta Limited NCLT

शेयरहोल्डर और क्रेडिटर लेवल पर इस डीमर्जर को लगभग सर्वसम्मति से मंजूरी मिल चुकी है, जहां 99 प्रतिशत से ज्यादा वोटिंग इसमें पक्ष में रही है। अब आखिरी बड़ा कदम NCLT और अन्य सरकारी अनुमोदनों का है, जहां दिसंबर 2025 में NCLT ने अपना आदेश रिजर्व कर लिया है और कंपनी ने डीमर्जर की टाइमलाइन Q4 FY26 के आसपास तक बढ़ा दी है।

Vedanta Limited वैल्यू अनलॉकिंग

कई ब्रोकरेज और रिसर्च हाउस का मानना है कि अभी मार्केट मुख्य रूप से Vedanta Limited और Vedanta Aluminium को वैल्यू दे रहा है, जबकि ऑयल-गैस, पावर और आयरन-स्टील जैसे बिजनेस लगभग जीरो वैल्यू पर प्राइस हो रहे हैं। कुछ एस्टिमेट के अनुसार डीमर्जर के बाद अलग-अलग बिजनेस की री-रेटिंग से शेयरधारकों के लिए लगभग 40–45 प्रतिशत तक का संभावित अपसाइड माना जा रहा है और एक रिपोर्ट ने प्रति शेयर लगभग 80–85 रुपए की अतिरिक्त वैल्यू जुड़ने का अनुमान लगाया है

Disclaimer : शेयर बाजार में निवेश जोखिम के साथ होता है, इसलिए निवेश से पहले विशेषज्ञ से सलाह लें। हम जानकारी की पूर्णता या सटीकता की गारंटी नहीं देते।

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