IREDA के मैनेजमेंट में हुए बड़े बदलावों के बाद शेयर फिर से फोकस में आ गया है और निवेशक इसमें नई तेजी की उम्मीद कर रहे हैं। यह बदलाव कंपनी के वित्तीय ढांचे, कंप्लायंस और रिटेल निवेशकों की बढ़ती हिस्सेदारी के कारण और भी महत्वपूर्ण हो जाते हैं।
IREDA शेयर का ताज़ा प्राइस और पिछले 1 साल का रिटर्न
9 दिसंबर 2025 को IREDA का शेयर करीब 2.5 फीसदी चढ़कर लगभग 134.36 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। पिछले एक साल में हालांकि शेयर ने करीब 40 फीसदी तक गिरावट दिखाई है, जिसकी वजह से जिन निवेशकों ने ऊपरी स्तरों पर खरीद की थी उन्हें अभी भी नुकसान झेलना पड़ रहा है। फिर भी मौजूदा स्तरों पर शेयर कई बार 52‑वीक लो के आसपास घूम चुका है, जिसके कारण वैल्यू बायिंग की उम्मीद बढ़ती रहती है।
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सीनियर मैनेजमेंट में बड़े बदलाव
कंपनी ने 9 दिसंबर 2025 को अपने सीनियर मैनेजमेंट स्ट्रक्चर में महत्वपूर्ण बदलावों का एलान किया है, जिसे बोर्ड ने Nomination and Remuneration Committee की सिफारिश पर मंजूरी दी। तुषारकांत परिड़ा को नया Executive Director (F&A) बनाया गया है, जो फंडिंग, अकाउंटिंग और फाइनेंशियल प्लानिंग जैसे अहम काम संभालेंगे। इसी के साथ जगदीप सिंह को General Manager (F&A) और पन्नू ग्रोवर को General Manager (F&A) के साथ 30 अप्रैल 2028 तक Chief Compliance Officer की जिम्मेदारी दी गई है, जिससे कंप्लायंस और फाइनेंस दोनों मोर्चों पर नेतृत्व मजबूत हुआ है
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कंप्लायंस और SEBI नियमों के तहत अपडेट
कंपनी ने SEBI LODR Regulation 30 के तहत इन सभी नियुक्तियों की जानकारी NSE और BSE को भेजी है, जिससे पारदर्शिता और रेगुलेटरी कंप्लायंस पर उसका फोकस साफ दिखता है। Chief Compliance Officer के रूप में पन्नू ग्रोवर की भूमिका यह सुनिश्चित करेगी कि कंपनी के सभी डिस्क्लोजर और रेगुलेटरी रिपोर्ट समय पर और नियमों के मुताबिक दाखिल हों। मजबूत कंप्लायंस आम तौर पर NBFC और PSU कंपनियों के लिए रेटिंग, बॉन्ड इश्यू और बड़े प्रोजेक्ट फाइनेंस में मददगार साबित होता है।
रिटेल निवेशकों की बढ़ती हिस्सेदारी
IREDA में रिटेल (छोटे) निवेशकों की हिस्सेदारी बढ़कर 22.39 फीसदी के अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है, जबकि पब्लिक हिस्सेदारी कुल मिलाकर लगभग 28 फीसदी के आसपास है। इसका मतलब है कि छोटे निवेशक गिरावट के बावजूद इस सरकारी एनबीएफसी में लगातार दिलचस्पी दिखा रहे हैं और निचले भाव पर खरीदारी कर रहे हैं। प्रमोटर यानी भारत सरकार की हिस्सेदारी अभी भी करीब 71.76 फीसदी है, जिससे कंपनी पर सरकारी नियंत्रण मजबूत बना हुआ है
रिन्यूएबल एनर्जी फाइनेंस में IREDA की भूमिका
IREDA देश में रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स को लोन और क्रेडिट सपोर्ट देने वाली प्रमुख सरकारी NBFC है, जो सोलर, विंड, हाइड्रो और बायोएनर्जी जैसे सेगमेंट में फाइनेंसिंग करती है। कंपनी की ताजा इन्वेस्टर प्रेजेंटेशन के अनुसार, FY25 में उसके लोन बुक और प्रोजेक्ट पोर्टफोलियो में तेजी से विस्तार हुआ है और सरकार ने 2030 तक रिन्यूएबल कैपेसिटी बढ़ाने के लिए बड़े निवेश लक्ष्य तय किए हैं। बाजार में यह धारणा बनती है कि जैसे‑जैसे ग्रीन एनर्जी निवेश बढ़ेगा, वैसा‑वैसा IREDA जैसे संस्थान की क्रेडिट डिमांड भी बढ़ेगी, जो लंबी अवधि में बिजनेस ग्रोथ के लिए सकारात्मक संकेत माना जाता है।
Disclaimer : शेयर बाजार में निवेश जोखिम के साथ होता है, इसलिए निवेश से पहले विशेषज्ञ से सलाह लें। हम जानकारी की पूर्णता या सटीकता की गारंटी नहीं देते।






