2026 के लिए कुछ चुनिंदा इक्विटी Mutual fund ऐसे हैं, जिनका लंबी अवधि का ट्रैक रिकॉर्ड मजबूत है और 3–10 साल की अवधि में इन्होंने बेहतर रिटर्न दिखाया है। नीचे दिए गए फंड केवल जानकारी के उद्देश्य से हैं, यह निवेश सलाह नहीं है।
SBI Large Cap Fund (Large Cap)
SBI Large Cap Fund बड़ी कंपनियों में निवेश करने वाला स्कीम है, जो भारतीय ब्लूचिप स्टॉक्स पर फोकस करता है। पिछले 10 साल में इस फंड ने लगभग 14 प्रतिशत CAGR रिटर्न दिया है, जो लंबे समय में स्थिर ग्रोथ दिखाता है। बड़े मार्केट कैप वाले स्टॉक्स में होल्डिंग होने से वोलैटिलिटी मिड व स्मॉल कैप की तुलना में कम रहती है
HDFC Mid Cap Fund (Mid Cap)
HDFC Mid Cap Fund उन मध्यम आकार की कंपनियों में निवेश करता है जिनमें ग्रोथ की संभावनाएं ज्यादा मानी जाती हैं। इस फंड का 10 साल का CAGR रिटर्न करीब 19.4 प्रतिशत रहा है, जिससे पता चलता है कि लंबे समय में इसने Nifty Midcap इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया है। मिड कैप सेगमेंट में होने के कारण इसमें रिस्क भी थोड़ी ज्यादा होती है, लेकिन रिटर्न की संभावना भी ऊंची रहती है।
Read More : Tata Steel Share Price Target 2026, 2027, 2028, 2029, 2030
Nippon India Small Cap Fund (Small Cap)
Nippon India Small Cap Fund छोटे आकार की कंपनियों में निवेश करता है और हाई रिस्क–हाई रिटर्न कैटेगरी में आता है। उपलब्ध डेटा के अनुसार, इस फंड ने 10 साल में लगभग 21–21.1 प्रतिशत CAGR रिटर्न दिया है, जो वेल्थ क्रिएशन के लिहाज से काफी आकर्षक है। स्मॉल कैप में तेज उतार–चढ़ाव हो सकता है, इसलिए यह फंड आमतौर पर लंबी अवधि और हाई रिस्क टॉलरेंस वाले निवेशकों के लिए उपयुक्त माना जाता है।
Parag Parikh Flexi Cap Fund (Flexi Cap)
Parag Parikh Flexi Cap Fund बड़ी, मिड और स्मॉल कैप कंपनियों के साथ कुछ ग्लोबल स्टॉक्स में भी निवेश की लचीलापन देता है। फंड के लिए उपलब्ध डेटा के अनुसार, 5 और 10 साल की अवधि में इसने लगभग 18–21 प्रतिशत के आसपास CAGR रिटर्न दिए हैं, जो मजबूत लंबी अवधि परफॉर्मेंस दर्शाता है। Flexi Cap स्ट्रक्चर होने से यह मार्केट कंडीशन के हिसाब से अपने पोर्टफोलियो में बदलाव कर सकता है।
Franklin U.S. Opportunities Equity Active Fund (Global Theme)
Franklin U.S. Opportunities Equity Active Fund अमेरिकी इक्विटी मार्केट में निवेश करने वाला ग्लोबल थीम फंड है। 10 साल के उपलब्ध डेटा के अनुसार, इसने लगभग 15.2 प्रतिशत CAGR रिटर्न दिया है, जिससे निवेशक भारतीय बाजार के साथ अमेरिकी ग्रोथ स्टॉक्स में भी एक्सपोजर ले सकते हैं। ऐसे फंड मुद्रा (डॉलर–रुपया) और ग्लोबल मार्केट रिस्क के साथ आते हैं, लेकिन पोर्टफोलियो को भौगोलिक रूप से डाइवर्सिफाई करने का मौका भी देते हैं।
Disclaimer : शेयर बाजार में निवेश जोखिम के साथ होता है, इसलिए निवेश से पहले विशेषज्ञ से सलाह लें। हम जानकारी की पूर्णता या सटीकता की गारंटी नहीं देते।






