Vodafone Idea के शेयर ने हाल के महीनों में तेज रफ्तार दिखाई है, जहां यह लगभग ₹6 के स्तर से बढ़कर करीब ₹12 तक आया और लगभग डबल रिटर्न दे चुका है। कंपनी के फंडामेंटल अभी भी कमजोर हैं, लेकिन सरकारी राहत और AGR से जुड़ी खबरों ने शेयर में जबरदस्त तेजी का माहौल बनाया है।
Vodafone Idea शेयर में जबरदस्त तेजी
पिछले करीब चार महीने में Vodafone Idea का शेयर 52‑वीक लो लगभग ₹6.12 से चढ़कर ₹12 के आसपास पहुंच गया है, यानी करीब 95–100% की तेज बढ़त दर्ज की गई है। 19 दिसंबर 2025 को NSE पर शेयर की कीमत लगभग ₹11.94 रही, जबकि दिन के दौरान इसने ₹12.03 के आसपास 52‑वीक हाई बनाया। इससे पहले अक्टूबर के अंत में यह शेयर लगभग ₹6–7 के रेंज में ट्रेड कर रहा था और कई रिपोर्ट्स में इसे हाई‑रिस्क कैटेगरी में रखा गया था।
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तेजी के पीछे बड़े कारण
शेयर की हालिया रैली के पीछे सबसे बड़ा ट्रिगर AGR ड्यूज पर राहत की उम्मीद और सरकार की सकारात्मक भूमिका को माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी पर कुल AGR देनदारी लगभग ₹83,400 करोड़ के आसपास है और इस पर 4–5 साल के लिए बिना ब्याज के मोरेटोरियम की चर्चा ने बाजार की सेंटिमेंट को मजबूत किया है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट द्वारा सरकार को AGR ड्यूज की समीक्षा की अनुमति देने से भी निवेशकों को भविष्य में बड़े राहत पैकेज की उम्मीद जगी है।
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कंपनी के ताजा फाइनेंशियल डेटा
ताजा तिमाही यानी Q2 FY26 में Vodafone Idea का रेवेन्यू मामूली बढ़ोतरी के साथ लगभग स्थिर रहा, जबकि कंपनी अभी भी भारी घाटे में चल रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार Q2 में कंपनी का नेट लॉस घटकर करीब ₹5,524 करोड़ के आसपास आ गया, जो पिछले साल के मुकाबले कुछ सुधार दिखाता है। इसी अवधि में कंपनी का ARPU (प्रति ग्राहक औसत आय) बढ़कर लगभग ₹180 प्रति माह तक पहुंच गया, जो टैरिफ हाइक और हाई‑वैल्यू ग्राहकों पर फोकस का नतीजा है।
सब्सक्राइबर बेस और सरकारी हिस्सेदारी
Vodafone Idea के पास फिलहाल लगभग 196–198 मिलियन यानी करीब 19–20 करोड़ के आसपास मोबाइल सब्सक्राइबर हैं, जिनमें से 4G/5G यूजर्स की संख्या 127–128 मिलियन के करीब बताई जाती है। कंपनी में सरकार की हिस्सेदारी भी काफी बढ़ चुकी है और ताजा डेटा के अनुसार केंद्र सरकार का स्टेक लगभग 49% के आसपास माना जा रहा है, जिससे इसे अर्ध‑सरकारी टेलीकॉम प्लेयर की तरह देखा जाने लगा है। बड़े AGR बोझ के बावजूद सरकारी समर्थन की यह तस्वीर ही वह फैक्टर है जिसने हाल के महीनों में शेयर में जबरदस्त स्पेकुलेटिव खरीदारी को बढ़ावा दिया है।
Disclaimer : शेयर बाजार में निवेश जोखिम के साथ होता है, इसलिए निवेश से पहले विशेषज्ञ से सलाह लें। हम जानकारी की पूर्णता या सटीकता की गारंटी नहीं देते






